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महर्षि गौतम

🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Maharishi Gautam

सप्त ऋषियों में पांचवे स्थान पर महर्षि गौतम का नाम सर्वविदित है । वैदिक काल के मंत्रदृष्टा ऋषि गौतम के नाम से अनेक मंत्र ऋग्वेद में प्राप्त होते हैं । पौराणिक कथाओं के अनुसार गौतम ऋषि की पत्नी माता अहल्या भगवान ब्रह्मा की मानस पुत्री थीं । हनुमान जी की माता अंजनी गौतम ऋषि और अहल्या की पुत्री थीं। जब ऋषि गौतम ने अपनी पत्नी अहल्या को कुपित हो श्राप देकर शिला में परिवर्तित कर दिया था तब श्री राम की कृपा से माता अहल्या ने पुनः अपना सजीव रूप प्राप्त किया था। गौतम ऋषि ने दैत्य गुरु शुक्राचार्य को देवताओं से तिरस्कृत होने के बाद दीक्षा दी । भगवान शिव गौतम ऋषि की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर नासिक में त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रतिष्ठित हुए । गोदावरी नदी को महर्षि गौतम के तपोबल से ही गौतमी नाम प्राप्त हुआ है । भारत मे गौतम गोत्र बताने वाले स्वयं को उन्हीं का वंशज मानते हैं।

महर्षि गौतम
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