नवग्रह ›पट्टिका 426 · पड़ाव 65 / 141
चंद्रमा
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Chandra, the Moon
चंद्रमा मन का प्रतिनिधित्व करता है यह गौर वर्ण है इसके दोनों हाथों में एक मुग्दल और एक कमल है इन के रथ में 10 सफेद घोड़े होते हैं । सूर्य अपनी प्रखर रश्मि से संसार का जल जो भूमि लेते हैं चंद्रमा उस जल को वायुमई नाड़ियों के मार्ग से पृथ्वी पर पहुंचाता है । यही जल निर्मल होकर पृथ्वी को पोषित करता है पलाश का वृक्ष चंद्र कहलाता है जो मानसिक रोगों से मुक्ति देता है सोमवार चंद्रमा का दिन कहलाता है यह सब सत्व गुण वाला है । चंद्रमा मेधावी , गौर वर्ण , कफ एवं वात प्रकृति मधुरभाषी , कृश एवं गोल आकृति तथा उन्नत शरीर वाला होता है ।

सुनेंआवाज़
▶शनिलगभग 1 मिनट
▶राहुलगभग 1 मिनट
▶केतुलगभग 1 मिनट
▶पार्वती गणेश और कार्तिकेय के साथलगभग 1 मिनट
▶पिनाकी धनुषलगभग 1 मिनट
▶यम संहार शिवलगभग 3 मिनट
▶काल भैरवलगभग 1 मिनट
▶शिव की पुत्री अशोक सुंदरीलगभग 1 मिनट▶अर्धनारीश्वर अवतारलगभग 1 मिनट
▶सुनतनर्तक अवतारलगभग 2 मिनट
▶चंद्रशेखर महादेव की कथालगभग 2 मिनट
▶पशुपतिनाथलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →