शिव कथाएँ ›पट्टिका 434 · पड़ाव 73 / 141
शिव की पुत्री अशोक सुंदरी
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Shiva's Daughter Ashok Sundari
बेटियां परिवार की रौनक होती हैं। पर्व त्यौहार, रीति रिवाज़, साज शृंगार इनके बिना सम्भव नहीं । परिजनों के प्रति छोटी छोटी सी बात का ध्यान रखने वाली बेटियां जीवन को सुन्दर और पूर्ण बनाती हैं। गणेश और कार्तिकय को पुत्र रूप में प्राप्त कर लेने के बाद देवी पार्वती को एक बार पुत्री की इच्छा हुई। उन्होंने भगवान शिव पर अपनी कामना प्रकट की। देवी की इच्छा का सम्मान करते हुए भगवान शिव ने उन्हें एक पुत्री प्रदान की। शोक दूर कर आनंद प्रदान करने वाली इस सुन्दर कन्या का नाम अशोकसुन्दरी रखा गया । उचित आयु प्राप्त होने पर भगवान शिव और देवी पार्वती ने अपनी पुत्री का विवाह राजा नहुष से कर दिया । अशोकसुन्दरी कल्पना, स्वप्न, शोकमुक्ति और सौंदर्य की देती हैं।

सुनेंआवाज़
▶अर्धनारीश्वर अवतारलगभग 1 मिनट
▶सुनतनर्तक अवतारलगभग 2 मिनट
▶चंद्रशेखर महादेव की कथालगभग 2 मिनट
▶पशुपतिनाथलगभग 1 मिनट
▶शिव बारातलगभग 2 मिनट
▶खंडोबा अवतारलगभग 2 मिनट
▶रावण द्वारा कैलाश पर्वत को झकझोरनालगभग 1 मिनट
▶गणेश जी अपनी माता पार्वती के साथ खेलते हुएलगभग 1 मिनट
▶खड़ी हुई देवी लक्ष्मीलगभग 2 मिनट
▶खड़ी हुई देवी पार्वतीलगभग 1 मिनट
▶भगवान शिव महेश्वर के रूप मेंलगभग 2 मिनट
▶माँ कालीलगभग 3 मिनटपूरी यात्रा →
▶सुनतनर्तक अवतारलगभग 2 मिनट
▶चंद्रशेखर महादेव की कथालगभग 2 मिनट
▶पशुपतिनाथलगभग 1 मिनट
▶शिव बारातलगभग 2 मिनट
▶खंडोबा अवतारलगभग 2 मिनट
▶रावण द्वारा कैलाश पर्वत को झकझोरनालगभग 1 मिनट
▶गणेश जी अपनी माता पार्वती के साथ खेलते हुएलगभग 1 मिनट
▶खड़ी हुई देवी लक्ष्मीलगभग 2 मिनट
▶खड़ी हुई देवी पार्वतीलगभग 1 मिनट
▶भगवान शिव महेश्वर के रूप मेंलगभग 2 मिनट
▶माँ कालीलगभग 3 मिनटपूरी यात्रा →