शिव कथाएँ ›पट्टिका 445 · पड़ाव 83 / 141
खड़ी हुई देवी पार्वती
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Standing Goddess Parvati
देवी पार्वती आदिशक्ति हैं, इनके अनुपम सौन्दर्य के कारण इन्हें त्रिपुरसुंदरी भी कहा जाता हैं। महादेव शिव का वरण करने वाली देवी पार्वती का वात्सल्य भाव जितना घनीभूत है उतना ही वे अपने क्रोध के लिए भी जानी जाती हैं। क्रोध अवस्था मे ये महाकाली का रोप धारण आकृति हैं तथा दुष्टों का संहार करती हैं। शक्ति के भौतिक और आध्यात्मिक दोनों ही रूपों का प्रतिनिधित्व करने वाली देवी पार्वती अपने विविध रूपों में ये त्रिशूल, खड्ग, पुष्प धारण किए होती हैं। देवी पार्वती का वाहन सिंह होता है।

सुनेंआवाज़
▶भगवान शिव महेश्वर के रूप मेंलगभग 2 मिनट
▶माँ कालीलगभग 3 मिनट
▶मणिभद्रलगभग 1 मिनट
▶पंचमुखी हनुमानजी (आसन 2)लगभग 2 मिनट
▶शरभ अवतारलगभग 2 मिनट
▶भगवान अयप्पा: शिव और मोहिनी के पुत्रलगभग 4 मिनट
▶दत्तात्रेय अवतार (मुद्रा 3)लगभग 1 मिनट
▶गंगा अवतरणलगभग 1 मिनट
▶गजासुर संहारलगभग 1 मिनट▶अष्ट भैरव: श्री क्रोध भैरवलगभग 1 मिनट▶अष्ट भैरव: श्री भीषण भैरवलगभग 1 मिनट▶अष्ट भैरव: श्री चण्ड भैरवलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →