पशुपतिनाथ
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Pashupatinath
भगवान शिव के द्वारा पशुपतिनाथ के रूप में अवतार ग्रहण करने का वर्णन पशुपति पुराण, नेपाल महात्म्यम् तथा शिवपुराण के परिशिष्ट भाग में प्राप्त होता है। पशुपति शब्द का अर्थ होता है समस्त प्रकार के पशु-पक्षि आदि का अधिपति। यह अवधारणा भारत में सिन्धु-सरस्वती सभ्यता के काल से प्राप्त होती है, सिंधु घाटी से प्राप्त वस्तुओं में पशुपति उत्कीर्णित सील इस तथ्य की पुष्टि करती है। पाशुपत दर्शन के अनुसार परतत्त्व शिव को ही पशुपति के नाम से वर्णित किया गया है। शिव जी को पशुपति के रूप में पूजने वाले संप्रदाय को पाशुपत संप्रदाय के नाम से जाना जाता है। नेपाल की राजधानी काठमाण्डु में वाग्मति नदी की पुण्य तट पर भारत के मंदसौर शहर में शिवना नदी के तट पर भगवान पशुपतिनाथ की प्रमुख मन्दिर स्थित हैं । आख्यानों के अनुसार पशुपति नाथ शिव से संबद्ध एक रुचिकर कथा यों है कि एक समय शिव-पार्वती मृग-मृगी के रूप में विचरण कर रहे थे। तब लम्बे समय तक देवताओं को कैलाश पर शिव-शिवा के दर्शन नहीं होने से वे दर्शन की कामना करने लगे । तब भगवान शिव ने उन्हें पशुपतिनाथ के रूप में दर्शन दिये ।

▶शिव बारातलगभग 2 मिनट
▶खंडोबा अवतारलगभग 2 मिनट
▶रावण द्वारा कैलाश पर्वत को झकझोरनालगभग 1 मिनट
▶गणेश जी अपनी माता पार्वती के साथ खेलते हुएलगभग 1 मिनट
▶खड़ी हुई देवी लक्ष्मीलगभग 2 मिनट
▶खड़ी हुई देवी पार्वतीलगभग 1 मिनट
▶भगवान शिव महेश्वर के रूप मेंलगभग 2 मिनट
▶माँ कालीलगभग 3 मिनट
▶मणिभद्रलगभग 1 मिनट
▶पंचमुखी हनुमानजी (आसन 2)लगभग 2 मिनट
▶शरभ अवतारलगभग 2 मिनट
▶भगवान अयप्पा: शिव और मोहिनी के पुत्रलगभग 4 मिनटपूरी यात्रा →