शिव कथाएँ ›पट्टिका 442 · पड़ाव 81 / 141
गणेश जी अपनी माता पार्वती के साथ खेलते हुए
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Ganesha Playing with Mother Parvati
आप 'गणपति क्रीड़ा मूर्ति के सम्मुख है। प्राचीनकाल से भारतभूमि पर गणपति तथा गौरी के पूजन की परम्परा रहीं है। यह परंपरा माँ तथा संतान के सुंदरतम संबंध को स्मृत तथा सम्मानित करती है। गणपति के शिरच्छेदन की कथा पुत्र की मातृ भक्ति और माँ के संतान हेतु समस्त जग से लड़ लेने की प्रतिबद्धता की कथा है। गणेश की बाल लीला दर्शाने वाली यह प्रतिमा देवी पार्वती का अगाध वात्सल्य भी दिखाती है।

सुनेंआवाज़
▶खड़ी हुई देवी लक्ष्मीलगभग 2 मिनट
▶खड़ी हुई देवी पार्वतीलगभग 1 मिनट
▶भगवान शिव महेश्वर के रूप मेंलगभग 2 मिनट
▶माँ कालीलगभग 3 मिनट
▶मणिभद्रलगभग 1 मिनट
▶पंचमुखी हनुमानजी (आसन 2)लगभग 2 मिनट
▶शरभ अवतारलगभग 2 मिनट
▶भगवान अयप्पा: शिव और मोहिनी के पुत्रलगभग 4 मिनट
▶दत्तात्रेय अवतार (मुद्रा 3)लगभग 1 मिनट
▶गंगा अवतरणलगभग 1 मिनट
▶गजासुर संहारलगभग 1 मिनट▶अष्ट भैरव: श्री क्रोध भैरवलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →