शिव कथाएँ ›पट्टिका 431 · पड़ाव 70 / 141
पिनाकी धनुष
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · The Pinaki Bow
पिनाक अथा 'पिनाकी' भगवन शिव के द्वारा धारण किया जाने वाला धनुष है। शिव के धनुर्धारी होने का विवरण यजुर्वेद के रुद्राध्याय तथा अथर्ववेद के निमरुद्रसुक्त में प्राप्त होता है। पिनाक धनुष का आख्यान रामायण में विशेष रूप से वर्णित है। भगवन शिव के इस धनुष में कई दिव्य शक्तियां समाहित हैं। इसी धनुष पर पाशुपतास्त्र का सन्धान कर शिव ने त्रिपुरासुर तथा उसके तीन पुत्रों का वध किया था। रामायण में प्रभु श्री राम द्वारा शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने के प्रयास में धनुष के टूट जाने की कथा सीता स्वंयवर के प्रयास में प्राप्त होतीं है। पिनाकीधारी शिव से भगवान परशुराम द्वारा धनुर्विधा की शिक्षा प्राप्त करने का उल्लेख भी प्राप्त होता है।

सुनेंआवाज़
▶यम संहार शिवलगभग 3 मिनट
▶काल भैरवलगभग 1 मिनट
▶शिव की पुत्री अशोक सुंदरीलगभग 1 मिनट▶अर्धनारीश्वर अवतारलगभग 1 मिनट
▶सुनतनर्तक अवतारलगभग 2 मिनट
▶चंद्रशेखर महादेव की कथालगभग 2 मिनट
▶पशुपतिनाथलगभग 1 मिनट
▶शिव बारातलगभग 2 मिनट
▶खंडोबा अवतारलगभग 2 मिनट
▶रावण द्वारा कैलाश पर्वत को झकझोरनालगभग 1 मिनट
▶गणेश जी अपनी माता पार्वती के साथ खेलते हुएलगभग 1 मिनट
▶खड़ी हुई देवी लक्ष्मीलगभग 2 मिनटपूरी यात्रा →