काल भैरव
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Kaal Bhairav
मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काल भैरव अष्टमी का पर्व कहा जाता भैरव भगवान शिव का ही एक स्वरूप है। शैव तथा शाक्त मतों के अलावा जैन तथा बौद्ध मत में भी भैरव की पूजा की जाती है। भैरव के मुख्यतः आठ रूप हैं जिन्हें सम्मिलित रूप से अष्टभैरव के नाम से जाना जाता है। उज्जैन तथा वाराणसी में कालभैरव के प्राचीन मंदिर स्थापित हैं और ये इन नगरियों के क्षेत्रपाल के रूप में पूजे जाते हैं। भैरव के अन्य रूप देवी के शक्तिपीठों के साथ देखे जा सकते हैं, प्रत्येक शक्तिपीठ पर देवी के साथ एक भैरव नियुक्त है। रक्षा करने में समर्थ भैरव अपने उपासक की भी संकट तथा दुर्गुणों से रक्षा करते हैं । इनका वाहन श्वान अर्थात् कुत्ता होता है साधारणतया भयंकर स्वभाव के समझे जाने वाले भैरव के अनेक सौम्य तथा वत्सल रूप भी हैं । उज्जैन स्थित कालभैरव मंदिर अपनी सिद्धता तथा विचित्र अनुष्ठानों के लिए जगप्रसिद्ध है यहाँ भक्तगण अपने व्यक्तित्व की दुर्बलताओं के साथ कालभैरव को मदिरा भी अर्पित करते हैं। और बदले में कालभैरव उन्हें प्रत्येक काल में रक्षण तथा सद्गुण प्रदान करते हैं।

▶शिव की पुत्री अशोक सुंदरीलगभग 1 मिनट▶अर्धनारीश्वर अवतारलगभग 1 मिनट
▶सुनतनर्तक अवतारलगभग 2 मिनट
▶चंद्रशेखर महादेव की कथालगभग 2 मिनट
▶पशुपतिनाथलगभग 1 मिनट
▶शिव बारातलगभग 2 मिनट
▶खंडोबा अवतारलगभग 2 मिनट
▶रावण द्वारा कैलाश पर्वत को झकझोरनालगभग 1 मिनट
▶गणेश जी अपनी माता पार्वती के साथ खेलते हुएलगभग 1 मिनट
▶खड़ी हुई देवी लक्ष्मीलगभग 2 मिनट
▶खड़ी हुई देवी पार्वतीलगभग 1 मिनट
▶भगवान शिव महेश्वर के रूप मेंलगभग 2 मिनटपूरी यात्रा →