शिव कथाएँ ›पट्टिका 430 · पड़ाव 69 / 141
पार्वती गणेश और कार्तिकेय के साथ
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Parvati with Ganesha and Kartikeya
माँ पार्वती के ये दोनों पुत्र उनके लाड़ले हैं। एक आरंभ में ही तारकासुर के नेतृत्व वालेअसुरों से लड़ता है तो दूसरा इंद्र के नेतृत्व वाले सुरों से। एक को देवताओं की सेना का नायक बनना है, दूसरे को देवताओं का अग्रपूज्य। एक संसार का चक्कर लगाता है, दूसरे के लिए उसके माता-पिता ही उसका संसार हैं। एक का कर्त्तव्य उसके जन्म के पहले ही नियत है, एक को माँ पार्वती बताती हैं। एक विस्तार है, दूसरा सार है। एक व्यास है, दूसरा समास है।एक के लिए त्रिलोक ने प्रतीक्षा की थी, दूसरे को लाने का विचार माता को ही आया। तो एक ने तारकासुर को मारकर त्रिलोक को अत्याचार से मुक्त किया और दूसरा माँ के आशीर्वाद से त्रिलोक का मंगल करने वाला हो गया।

सुनेंआवाज़
▶पिनाकी धनुषलगभग 1 मिनट
▶यम संहार शिवलगभग 3 मिनट
▶काल भैरवलगभग 1 मिनट
▶शिव की पुत्री अशोक सुंदरीलगभग 1 मिनट▶अर्धनारीश्वर अवतारलगभग 1 मिनट
▶सुनतनर्तक अवतारलगभग 2 मिनट
▶चंद्रशेखर महादेव की कथालगभग 2 मिनट
▶पशुपतिनाथलगभग 1 मिनट
▶शिव बारातलगभग 2 मिनट
▶खंडोबा अवतारलगभग 2 मिनट
▶रावण द्वारा कैलाश पर्वत को झकझोरनालगभग 1 मिनट
▶गणेश जी अपनी माता पार्वती के साथ खेलते हुएलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →