नवग्रह ›पट्टिका 424 · पड़ाव 63 / 141
मंगल
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Mars, Mangal
मंगल भूमिपुत्र है, यह ऊर्जावान आत्मविश्वास और अहंकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। मंगल युद्ध के देवता है ब्रह्मचारी हैं इनकी चार भुजाएं हैं। शरीर लाल, वस्त्र लाल, वाहन भेड़, हाथों में गदा, त्रिशूल, अभय मुद्रा तथा वर मुद्रा धारण करे हुए हैं । संस्कृत में मंगल को अंगारक भी कहते हैं। मंगल का स्वर्ण निर्मित अरुण वर्ण 8 घोड़ों से युक्त है तीन पहियों वाला रथ है। खेर का वृक्ष पूजन से रक्त विकार चर्म रोग समाप्त होते हैं व प्रतिष्ठा बढ़ती है । मंगल हिंसक, अधिक मज्जा युक्त शरीर वाला होता है ।

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▶पार्वती गणेश और कार्तिकेय के साथलगभग 1 मिनट
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▶यम संहार शिवलगभग 3 मिनट
▶काल भैरवलगभग 1 मिनट
▶शिव की पुत्री अशोक सुंदरीलगभग 1 मिनट▶अर्धनारीश्वर अवतारलगभग 1 मिनट
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