शिव कथाएँ ›पट्टिका 103 · पड़ाव 5 / 141
त्रिदेव
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Tridev
सनातन मान्यतानुसार भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त स्वरुप को त्रिदेव के रूप में पूजा जाता है । इस संयुक्त स्वरुप में आमतौर पर प्रथम स्थान में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और अंत में शिव विद्यमान होते हैं, हालांकि प्रसंग व स्थान के अनुसार इस क्रम में परिवर्तन भी किया जाता है । भगवान ब्रह्मा सृष्टि के रचियता हैं, श्री विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं तथा देवाधिदेव महादेव सृष्टि के संहारकर्ता हैं । भगवान विष्णु के नाभिस्थल से उत्पन्न ब्रह्मा जी को चराचर जगत का सर्जक होने के कारण सृष्टि का पिता भी माना गया है । सर्जना से संहार तक के इस क्रम का संचालन सृष्टि के सातत्य हेतु परम आवश्यक होने से त्रिदेव प्रमुख देव में स्थान पाते हैं ।

सुनेंआवाज़
▶महर्षि वशिष्ठ ने चंद्रभागा नदी के तट पर संध्या को तपस्या के लिए दीक्षित कियालगभग 7 मिनट
▶देवी सती के जन्म की कथालगभग 2 मिनट
▶राक्षस भस्मासुर के वध की कथालगभग 3 मिनट
▶शिव ने सती को आशीर्वाद दियालगभग 4 मिनट
▶नारद का भ्रमलगभग 6 मिनट
▶सुदर्शन चक्र प्रसंगलगभग 1 मिनट
▶नंदी की कहानीलगभग 2 मिनट
▶महाशिवरात्रि की कथालगभग 4 मिनट
▶देवी सती की कथालगभग 3 मिनट
▶शिव ने जटा से वीरभद्र को प्रकट कियालगभग 1 मिनट
▶दक्ष के उद्धार हेतु ब्रह्मा और ऋषिलगभग 1 मिनट
▶भगवान शिव द्वारा दक्ष का पुनर्जीवनलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →