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महर्षि वशिष्ठ

🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Maharishi Vashishtha

ऋषि वशिष्ठ वैदिक काल के विख्यात ऋषि हैं । भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र वशिष्ठ त्रिकालदर्शी थे । इनकी पत्नी का नाम माता अरुंधती था । भगवान ब्रह्मा की पुत्री देवी संध्या के प्रायश्चित स्वरूप माता अरुंधती का जन्म हुआ था । महर्षि विश्वामित्र ने क्रोधव अहंकार में महर्षि वशिष्ठ के सौ पुत्रों को मार दिया था । किन्तु फिर भी महर्षि वशिष्ठ तथा माता अरुंधति ने विश्वामित्र को क्षमा कर दिया था। महर्षि वशिष्ठ राजा दशरथ के राजवंश के राजगुरु थे । सूर्यवंशी राजा इनकी आज्ञा के बिना कोई भी कार्य नहीं करते थे। भगवान राम तथा उनके भाईयों को शिक्षा हेतु महर्षि वशिष्ठ के ही आश्रम में भेजा गया था जहाँ उन्होंने समस्त विषयों का समुचित अध्ययन कर ऋषि व ऋषिपत्नी का विशेष स्नेहाशीष प्राप्त किया । त्रेतायुग के अंत में महर्षि वशिष्ठ ब्रह्मलोक चले गए किन्तु सप्तऋषियों के तारामंडल में आज भी उनकी स्थिति मानी जाती है।

महर्षि वशिष्ठ
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