चंचुला की कथा
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · The Story of Chanchula
शिवपुराण के अनुसार एक बार वाष्कल नामक गांव में बिन्टुंग नाम का ब्राह्मण रहता था। वह बड़ा दुरात्मा और महापापी था। यद्पि उसकी पुत्री बहुत सुंदर व् सुशील थी लेकिन वह कुमार्ग पर ही चलता था। उसकी पत्नी का नाम चंचुला था। चंचुला सदैव धर्म के पालन में लगी रहती थी। इस तरह कुकर्म में लगे हुए उस ब्राह्मण के साथ चंचुला को वैवाहिक कर्तव्य निभाते हुए बहुत वर्ष बीत गए। वो कभी भी अपने धर्म से विचलित नहीं हुई। और वर्ष बीत जाने पर, अपने पति के नर्कवासी हो जाने के बाद वह एक बार पवित्र गोकर्ण क्षेत्र में तीर्थ जल में स्नान करने के बाद एक देवमंदिर में धर्मज्ञ ब्राह्मण से शिवपुराण की कथा सुन रही थी। वहीँ आयु का चक्र पूरा हो जाने पर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से मुक्त हुई चंचुला ने अपने शरीर को बिना किसी कष्ट के त्याग दिया। उसकी मृत्यु की उपरांत माता पार्वती और भगवान् शंकर ने बड़ी करुणा से उसके सूक्षम शरीर को देखा और माता पार्वती ने चंचुला को प्रेम पूर्वक अपनी सखी बना लिया।

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▶नंदी द्वारलगभग 3 मिनट
▶कमल सरोवरलगभग 1 मिनट
▶सप्तऋषि मण्डल एवं शिव स्तम्भलगभग 6 मिनट
▶किंगडम ऑफ़ लार्ड शिवालगभग 1 मिनट
▶नवग्रह मंडललगभग 7 मिनट
▶नीलकंठ महादेव और समुद्र मंथनलगभग 4 मिनट
▶भैरव मंडपमलगभग 6 मिनट
▶त्रिपथ मंडपमलगभग 1 मिनट▶भगवान शिव का शृंगार 1लगभग 1 मिनट▶भगवान शिव का शृंगार 2लगभग 1 मिनट
▶वीरभद्र द्वारा दक्ष का सर काटनालगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →