शिव कथाएँ ›पट्टिका 405 · पड़ाव 49 / 141
भगवान शिव का शृंगार 1
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Adornment of Lord Shiva 1
शिव पुराण बताता है कि विवाह से पहले भगवान विष्णु ने भस्म रमाए तपस्वी शिव को वर के रूप में सजाया। जटाओं में गंगा, मस्तक पर अर्धचंद्र, रुद्राक्ष की मालाएँ और कंठ में वासुकि नाग, हर आभूषण सृष्टि के किसी तत्व का प्रतीक है। यह शृंगार वैराग्य और सौंदर्य के दुर्लभ मिलन को दर्शाता है।
सुनेंआवाज़
▶भगवान शिव का शृंगार 2लगभग 1 मिनट
▶वीरभद्र द्वारा दक्ष का सर काटनालगभग 1 मिनट
▶महर्षि भरद्वाजलगभग 1 मिनट
▶महर्षि विश्वामित्रलगभग 1 मिनट
▶महर्षि वशिष्ठलगभग 1 मिनट
▶महर्षि गौतमलगभग 1 मिनट
▶महर्षि अत्रिलगभग 1 मिनट
▶महर्षि कश्यपलगभग 1 मिनट
▶महर्षि जमदग्निलगभग 2 मिनट
▶भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर का वधलगभग 2 मिनट
▶सूर्यलगभग 1 मिनट
▶बुधलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →
▶वीरभद्र द्वारा दक्ष का सर काटनालगभग 1 मिनट
▶महर्षि भरद्वाजलगभग 1 मिनट
▶महर्षि विश्वामित्रलगभग 1 मिनट
▶महर्षि वशिष्ठलगभग 1 मिनट
▶महर्षि गौतमलगभग 1 मिनट
▶महर्षि अत्रिलगभग 1 मिनट
▶महर्षि कश्यपलगभग 1 मिनट
▶महर्षि जमदग्निलगभग 2 मिनट
▶भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर का वधलगभग 2 मिनट
▶सूर्यलगभग 1 मिनट
▶बुधलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →