शिव कथाएँ ›पट्टिका 406 · पड़ाव 50 / 141
भगवान शिव का शृंगार 2
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Adornment of Lord Shiva 2
शिव के अलंकार साधारण आभूषण नहीं, वैदिक-पौराणिक प्रतीक हैं: भस्म नश्वरता का, त्रिशूल तीन गुणों पर विजय का, डमरू सृष्टि के नाद का और व्याघ्रचर्म काम पर विजय का (शिवपुराण, लिंगपुराण)। तीसरा नेत्र ज्ञान की अग्नि है। इस शृंगार को देखना ही शिव-तत्त्व को समझना है।
सुनेंआवाज़
▶वीरभद्र द्वारा दक्ष का सर काटनालगभग 1 मिनट
▶महर्षि भरद्वाजलगभग 1 मिनट
▶महर्षि विश्वामित्रलगभग 1 मिनट
▶महर्षि वशिष्ठलगभग 1 मिनट
▶महर्षि गौतमलगभग 1 मिनट
▶महर्षि अत्रिलगभग 1 मिनट
▶महर्षि कश्यपलगभग 1 मिनट
▶महर्षि जमदग्निलगभग 2 मिनट
▶भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर का वधलगभग 2 मिनट
▶सूर्यलगभग 1 मिनट
▶बुधलगभग 1 मिनट
▶गुरुलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →