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त्रिपथ मंडपम

🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Tripath Mandapam

सम्मिलन और स्वीकार्यता सनातन संस्कृति के मूल गुण रहे हैं और इसीलिए इसमें अनेक संप्रदाय अंकुरित हो विकसित हो सके । किन्तु प्रमुख रूप से पाँच संप्रदाय सनातन के आधार स्तम्भ माने जाते हैं – महादेव शिव को समर्पित शैव मत, देवी शक्ति को प्रमुख मानने वाला शाक्त मत, श्री विष्णु का उपासक वैष्णव मत, सूर्यउपासना करने वालो का सौर्य मत, तथा श्री गणेश को प्रमुख मानने वाला गाणपत्य मत । मतों को इस संदर्भ में संप्रदाय भी कहा जाता है । उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, देवी हरसिद्धि शक्तिपीठ तथा श्री कृष्ण की विध्यास्थली ऋषि सांदीपनी आश्रम शैव, शाक्त और वैष्णव अनुयायियों के लिए इस नगर को समान रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं । उज्जैन के इसी वैशिष्य को ध्यान में रखते हुए भगवान शिव, देवी शक्ति तथा श्री कृष्ण के रूप एक शिल्प में गढ़ कर त्रिशक्ति नामक यह शिल्प बनाया गया है । यह शिल्प शक्ति की एकसूत्रता परिलक्षित करता है, चाहे नाम और रूप में कितने ही भेद हों ।

त्रिपथ मंडपम
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