बाणासुर की कथा
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 2 मिनट · The Story of Banasura
भोलेनाथ महादेव अपनी अभेद दृष्टि व भक्त वात्सल्य के लिए जाने जाते हैं । देवता, असुर, पशु, आदि सभी समान रूप से उनके भक्त रहे हैं । उनके असुर भक्तों में एक था बाणासुर । वह शोणितपुर का राजा था । उसकी पुत्री उषा अत्यंत सुंदर व गुणी थी । बाणासुर की पुत्री उषा और श्री कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध एक दूसरे से प्रेम करते थे । अनिरुद्ध श्री कृष्ण पुत्र प्रद्युम्न के पुत्र थे । एक दिन उषा ने अनिरुद्ध से मिलने की इच्छा में अनिरुद्ध का अपहरण कर लिया और दोनों ने गंधर्व विवाह कर लिया। बाणासुर को जब दोनों के प्रेम और विवाह की जानकारी हुई तो वह क्रोधित हो उठा और उसने क्रोध में आकर अनिरुद्ध को बंधक बनाकर कारागार में डाल दिया. अनिरुद्ध के बंधक बनाए जाने की सूचना जब भगवान श्रीकृष्ण को हुई तो उन्होंने सेना लेकर तुरंत बाणासुर के राज्य पर आक्रमण कर दिया। बाणासुर ने अपनी रक्षा के लिए भगवान शिव को पुकारा. अपने भक्त की प्रार्थना सुनकर भगवान शिव प्रकट हुए और बाणासुर को सुरक्षा प्रदान करने का भरोसा दिलाया। इस स्थिति में भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण आमने-सामने आ गए. दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ. कोई भी किसी से कम नहीं पड़ रहा था। अंततः श्रीकृष्ण ने बाणासुर को धराशायी कर दिया । इस सब के उपरांत श्री कृष्ण ने अपने पौत्र अनिरुद्ध और बाणासुर पुत्री उषा का विवाह करा दिया।

▶माता अनुसईया की कथालगभग 3 मिनट
▶किरात रूप कथालगभग 2 मिनट
▶चंचुला की कथालगभग 1 मिनट
▶क्षिप्रा की उत्पत्ति कथालगभग 2 मिनट
▶नंदी द्वारलगभग 3 मिनट
▶कमल सरोवरलगभग 1 मिनट
▶सप्तऋषि मण्डल एवं शिव स्तम्भलगभग 6 मिनट
▶किंगडम ऑफ़ लार्ड शिवालगभग 1 मिनट
▶नवग्रह मंडललगभग 7 मिनट
▶नीलकंठ महादेव और समुद्र मंथनलगभग 4 मिनट
▶भैरव मंडपमलगभग 6 मिनट
▶त्रिपथ मंडपमलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →