विष्णु और ब्रह्मा के बीच महायुद्ध
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 3 मिनट · The Great Battle of Vishnu and Brahma
भगवान शिव के लिंग रूप से हम सभी परिचित हैं किंतु क्या आपने महादेव शिव के लिंग के रूप में प्रकट होने सेसंबंधित कथा सुनी है ?आपके समक्ष भगवान शिव के लिंग रूप में प्रकट होने की उसी कथा का सुंदर अंकन है । कथा के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति से बहुत पहले, जब ब्रह्मांड की भी रचना नहीं हुई थी और निरे अंधकार के सिवाए कुछ नहीं था तब श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में विराजमान थे । उनकी नाभि से उत्पन्न कमल पर आसीन ब्रह्मा जी और उनके बीच एक विवाद छिड़ गया । ब्रह्मा जी यह सिद्ध करने में लगे थे कि वे ही श्रेष्ठ हैं, भगवान विष्णु इस से सहमत ना थे और स्वयं की श्रेष्ठता स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे । ना कोई निष्कर्ष निकल पा रहा था ना विवाद समाप्त हो रहा था । तभी उन दोनों के मध्य प्रकाश का एक विशाल स्तंभ प्रकट हुआ। वे दोनों विवाद को भूल, चकित हो कर इस प्रकाश स्तंभ को देखने लगे । ऐसा प्रतीत होता था कि प्रकाश का यह स्तंभ निरन्तर बढ़ रहा है। जिज्ञासावश भगवान ब्रह्मा और श्री हरिविष्णु ने निर्णय लिया कि इस अनंत दिखाई देने वाले स्तंभ के सिरे खोजे जाएं और जो भी इसके छोर को पहले खोज लेगा, वही सर्वश्रेष्ठ सिद्ध होगा। ब्रह्मा जी ने हंस का रूप धारण कर स्तंभ के ऊपरी सिरे को खोजने के लिए उड़ान भरी। श्री हरिविष्णु वराह का रूप धारण कर निचले सिरे को खोजने के लिए गहराई की ओर बढ़ें। दोनों को अपनी यात्रा आरंभ किए एक लंबी अवधि बीत चुकी थी किंतु उस प्रकाश स्तंभ के सिरे का कोई पता ना था । भगवान ब्रह्मा और श्रीविष्णु दोनों ही निराश हो कर लौट आए । किंतु ब्रह्मा जी को अपनी यात्रा में केतकी का एक फूल मिला जिसे दिखाते हुए उन्होंने कहा कि इस स्तंभ के ऊपरी सिरे को मैंने पा लिया, यह फूल मैं वहीं से लाया हूं। इस प्रकार ब्रह्मा जी ने झूठ कहा जबकि श्रीविष्णु ने सत्य कहते हुए बताया कि मैं इसका अंत नहीं खोज पाया। तभी उस प्रकाश स्तंभ रूपी लिंग में से देवेश्वर शिव प्रकट हुए । और उन्होंने ब्रह्मा जी को उनके झूठ के लिए दंड देते हुए शाप दिया कि उनकी पूजा नहीं की जायेगी। अनादि अनंत और असीम महादेव तभी से लिङ्ग रूप में विराजमान हैं ।

▶बाणासुर की कथालगभग 2 मिनट
▶माता अनुसईया की कथालगभग 3 मिनट
▶किरात रूप कथालगभग 2 मिनट
▶चंचुला की कथालगभग 1 मिनट
▶क्षिप्रा की उत्पत्ति कथालगभग 2 मिनट
▶नंदी द्वारलगभग 3 मिनट
▶कमल सरोवरलगभग 1 मिनट
▶सप्तऋषि मण्डल एवं शिव स्तम्भलगभग 6 मिनट
▶किंगडम ऑफ़ लार्ड शिवालगभग 1 मिनट
▶नवग्रह मंडललगभग 7 मिनट
▶नीलकंठ महादेव और समुद्र मंथनलगभग 4 मिनट
▶भैरव मंडपमलगभग 6 मिनटपूरी यात्रा →