श्री राम महाकाल दर्शन
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Shri Ram's Darshan of Mahakal
श्री राम द्वारा पुष्पक विमान से महाकाल मंदिर के दर्शन का यह प्रसंग कविराज राजशेखर द्वारा रचित महानाटक बालरामयणम् से प्रेरित है । इस प्रसंग में प्रभु श्री राम लंका से विजय पश्चात अयोध्या लौटते हुए पुष्पक विमान से महाकाल मंदिर के दर्शन कर रहे हैं । आकाश मार्ग से अयोध्या जाते हुए जब पुष्पक विमान मालव देश के ऊपर से गुजरता है तब महाकाल मंदिर को दिखाते हुए सुग्रीव कहते हैं कि यह उज्जयिनी में निवास करने वाले भगवान महाकाल हैं । तब प्रभु श्री राम हाथ जोड़कर महाकाल को नमन करते हुए कहते हैं . जिनके मन पर प्रहार करने से कामदेव का केतकी पुष्परूपी बाण वक्र हो जाता है उन ईश्वर को नमस्कार है । देवी सीता की ओर उन्मुख हो कर वे आगे कहते हैं कि उज्जयिनी में उत्पन्न लोगों के अतिरिक्त अन्य लोग क्रीडा में विहार करनाए भौंहों से कटाक्ष करनाए बिना प्रयास के ही मन को मुग्ध करने योग्य संभाषण करना और मनोरम तर्क करना नहीं जानते ।

▶सान्दिपनी आश्रमलगभग 1 मिनट
▶आदि शंकराचार्य भट्ट भास्कर शास्त्रार्थ उज्जैनलगभग 1 मिनट
▶गुरू नानक देव जी महाराज का उज्जैन आगमनलगभग 1 मिनट
▶राजा इन्द्रद्युम्नलगभग 1 मिनट
▶नवनाथलगभग 1 मिनट
▶सम्राट विक्रमादित्य द्वारा अयोध्या मंदिर का निर्माणलगभग 1 मिनट
▶राणोजी सिन्धिया द्वारा महाकाल मन्दिर का पुनर्निर्माणलगभग 1 मिनट
▶देवी अहिल्याबाई होल्करलगभग 1 मिनट
▶श्रीकृष्ण- मित्रवृन्दालगभग 2 मिनट
▶उदयन वासवदत्तालगभग 1 मिनट
▶सम्राट अशोकलगभग 1 मिनट
▶वेधशाला उज्जयिनीलगभग 2 मिनटपूरी यात्रा →