उज्जैन इतिहास ›पट्टिका 626 · पड़ाव 133 / 141

उदयन वासवदत्‍ता

🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Udayan and Vasavadatta

उज्जैन से सम्बंधित एक अनूठी ऐतिहासिक कथा उदयन और वासवदत्ता की प्रेम कहानी है । महाराज उदयन वत्स राज्य के शासक हुआ करते थे। महाराज के पास एक वीणा थी जिसका नाम घोषवती था, उनके वीणावादन की ख्याति उस समय पूरे देश में थी। एक बार उज्जैन के राजा प्रद्योत ने छल कर के उदयन को कैद कर लिया । उज्जैन के वीणा वादन के विषय में जानकार उन्होंने वत्सराज उदयन को अपनी बेटी वासवदत्ता को वीणा सिखाने के लिये शिक्षक नियुक्त कर दिया । इस दौरान उदयन और वासवदत्ता के मध्य एक दुसरे के प्रति आसक्ति जागृत हो गई । इधर उदयन के मन्त्री उन्हें कैद से छुड़ाने के प्रयास में थे । इस हेतु एक योजना बनाई गई और एक हाथी पर उदयन अपनी प्रेयसी वासवदत्ता का हरण कर ले गए । प्रचोत के सैनिकों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उदयन उनके हाथी के पीछे भागते हुए सैनिकों पर स्वर्ण मुद्राएं डालने लगे। सैनिक उनका पीछा करने के बजाए मुद्राएं उठाने में लग गए और उदयन वासवदत्ता के साथ उज्जयिनी से निकल भागने में सफल हो गए।

उदयन  वासवदत्‍ता
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