उज्जैन इतिहास ›पट्टिका 619 · पड़ाव 126 / 141
गुरू नानक देव जी महाराज का उज्जैन आगमन
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Guru Nanak's Visit to Ujjain
गुरु नानक देव जी अपनी चौथी यात्रा के समय उज्जैन आए थे। यहाँ उन्होंने एक ओंकार नाम जपना कीरात करने तथा वन्द छकने के महत्व के विषय में बताया। मान्यता है कि वह वर्तमान दत्त अखाड़े के पास एक स्थान पर रुके थे, जहाँ गुरुद्वारे का निर्माण किया गया गया। इस गुरुद्वारे को गुरुद्वारा नानक साहिब के नाम से जाना जाता है, जो एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। गुरुद्वारे में एक लंगर है, जहां प्रत्येक को भोजन प्राप्त होता है। यहाँ एक पुस्तकालय भी है, जिसमें सिख धर्मग्रंथों और अन्य धार्मिक ग्रंथों का संग्रह है।

सुनेंआवाज़
▶राजा इन्द्रद्युम्नलगभग 1 मिनट
▶नवनाथलगभग 1 मिनट
▶सम्राट विक्रमादित्य द्वारा अयोध्या मंदिर का निर्माणलगभग 1 मिनट
▶राणोजी सिन्धिया द्वारा महाकाल मन्दिर का पुनर्निर्माणलगभग 1 मिनट
▶देवी अहिल्याबाई होल्करलगभग 1 मिनट
▶श्रीकृष्ण- मित्रवृन्दालगभग 2 मिनट
▶उदयन वासवदत्तालगभग 1 मिनट
▶सम्राट अशोकलगभग 1 मिनट
▶वेधशाला उज्जयिनीलगभग 2 मिनट
▶नवरत्न पैनल- 1लगभग 4 मिनट
▶सम्राट विक्रमादित्य पैनल - 2लगभग 3 मिनट
▶नवरत्न पैनल- 3लगभग 10 मिनटपूरी यात्रा →