उज्जैन इतिहास ›पट्टिका 621 · पड़ाव 128 / 141

नवनाथ

🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · The Navnath

नवनाथ अथवा नौ नाथ सनातन संस्कृति के एक प्रमुख पंथ से सम्बद्ध हैं। इस पंथ की मान्यता है की सब नाथों में प्रथम आदिनाथ हैं जो स्वयं शिव ही हैं। इस सम्प्रदाय के अनुयायियों का मुख्य धर्म योगाभ्यास माने जाने से इसका एक नाम योग-मत भी होता हैं। प्राचीन काल से ही नाथ योगियों के लिए उज्जैन के लिए विशेष महत्व रहा है। बड़े कर्ण कुण्डल धारण किए नाथ योगी व योगिनीयाँ उज्जैन में आज भी देखे जा सकते हैं। भगवान शिव से परम्परा अनुसार दीक्षा प्राप्त करने वाले प्रथम नाथ मत्स्येन्द्रनाथ ने समाधि लेने के लिए उज्जैन का चयन किया था। इनका समाधिस्थल गढ़कालिका क्षेत्र में स्थित हैं । मत्स्येन्द्रनाथ के बाद है गोरखनाथ जिनके नाम से आज भी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रख्यात मठ स्थापित हैं। अन्य नाथों में हैं - 1. गहिनीनाथ 2. जालन्धर नाथ 3. कानिफनाथ

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