आदि शंकराचार्य भट्ट भास्कर शास्त्रार्थ उज्जैन
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Adi Shankaracharya's Debate in Ujjain
सनातन संस्कृति का पुनरुद्धार करने वाले आदि शंकराचार्य ने अत्यंत विज्ञानपरक व आध्यात्मिक अद्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया था । शास्त्रार्थ के माध्यम से अन्य मतों को परास्त करते हुए उन्होंने भारत का सांस्कृतिक एकीकरण किया था । अपने ३२ वर्ष के अल्प जीवनकाल में उन्होंने भारत का एक से अधिक बार भ्रमण कर के अनेक आचार्यों से वेद विज्ञान और तर्क को आधार रख शास्त्रार्थ किया । ऐसा ही एक शास्त्रार्थ भास्कराचार्य के साथ उज्जैन में हुआ था ।भास्करचार्य एक हिंदू दार्शनिक और धर्मशास्त्री थे, साथ ही वे विशिष्टाद्वैत दर्शन के अनुयायी थे। आदि शंकराचार्य अद्वैत वेदांत दर्शन में विश्वास करते थे, जो मानता है कि व्यक्तिगत आत्मा (जीव) सर्वोच्च आत्मा (ब्रह्म) के समान है। दूसरी ओर, भास्करचार्य विशिष्टाद्वैत दर्शन में विश्वास करते थे, जो मानता है कि जीव ब्रह्म पर निर्भर अवश्य है किन्तु उस से भिन्न है। आदि शंकराचार्य और भास्करचार्य के बीच यह शास्त्रार्थ उज्जयिनी में कई दिनों तक चला। अंत में, आदि शंकराचार्य ने शास्त्रार्थ में भास्करचार्य को पराजित किया।

▶गुरू नानक देव जी महाराज का उज्जैन आगमनलगभग 1 मिनट
▶राजा इन्द्रद्युम्नलगभग 1 मिनट
▶नवनाथलगभग 1 मिनट
▶सम्राट विक्रमादित्य द्वारा अयोध्या मंदिर का निर्माणलगभग 1 मिनट
▶राणोजी सिन्धिया द्वारा महाकाल मन्दिर का पुनर्निर्माणलगभग 1 मिनट
▶देवी अहिल्याबाई होल्करलगभग 1 मिनट
▶श्रीकृष्ण- मित्रवृन्दालगभग 2 मिनट
▶उदयन वासवदत्तालगभग 1 मिनट
▶सम्राट अशोकलगभग 1 मिनट
▶वेधशाला उज्जयिनीलगभग 2 मिनट
▶नवरत्न पैनल- 1लगभग 4 मिनट
▶सम्राट विक्रमादित्य पैनल - 2लगभग 3 मिनटपूरी यात्रा →