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शिव का हनुमान अवतार

🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Shiva's Avatar as Hanuman

रामावतार में प्रभु राम के अभियान में साथ देने के लिए शिवजी ने हनुमान के रूप में अंश अवतार धारण किया। जब रावण के अत्याचारों से पीड़ित धरती ब्रह्मा शिवजी और देवताओं सहित विष्णु जी को अपना दुख निवेदित कर रही थी, उस समय विष्णु जी ने अपने अवतार का निश्चय किया और समस्त देवताओं ने भी अंश में अवतरित होना तय किया । तब भगवान् शिव के अंश के रूप में हनुमान गौतमकन्या अंजना के गर्भ से जन्मे। अपने बाल्यकाल में ही सूर्य को फल समझ कर निगल जाने वाले हनुमान अपार भक्ति व प्रगाढ़ शक्ति का प्रतिनिधित्व करते है। जिन पात्रों को सनातन धर्म में चिरंजीवी माना गया है उनमें भगवान् हनुमान भी सम्मिलित हैं। सतयुग की राम कथा और त्रेता युग की महाभारत दोनों में ही भगवान् हनुमान के प्रसंग प्राप्त होते है । तथा मान्यता है कि ये आज भी सशरीर इस संसार में उपस्थित हैं। आशुतोष शिव के अंशावतार हनुमान शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। भक्ति युग के प्रमुख संत गोस्वामी तुलसीदास के द्वारा रचित हनुमान चालीसा, बजरंग बाण व हनुमानष्टक भगवान हनुमान को प्रसन्न कर उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए किए जाने वाले प्रमुख पाठ हैं।

शिव का हनुमान अवतार
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