नंदिकेश्वरावतार
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 2 मिनट · Nandikeshwar Avatar
एक बार ऋषि शिलाद ने पुत्र प्राप्ति की कामना से भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की। भगवान शिव उनके सामने प्रकट हुए और उनसे अपनी इच्छानुसार कोई भी वरदान मांगने को कहा। ऋषि शिलाद ने एक ऐसे पुत्र की इच्छा व्यक्त की जो भौतिक शरीर से पैदा न हो और जो सभी शास्त्रीय ज्ञान में पारंगत हो । भगवान शिव ने उन्हें यह कहकर आशीर्वाद दिया- "ऐसा ही होगा"। ऋषि शिलाद फिर अपने आश्रम लौट आए और यज्ञ किया। यज्ञ कुंड से एक बालक प्रकट हुआ जिसकी चार भुजाएं और तीन नेत्र थे । ऋषि शिलाद उस बालक को देखकर बहुत प्रसन्न हुए। बालक का जन्म बड़ी धूमधाम से मनाया गया। भगवान शिव और देवी पार्वती भी उसे आशीर्वाद देने पहुंचे। बालक का नाम नंदी रखा गया उनका पालन-पोषण बड़े प्यार से किया गया। अत्यन्त कुशाग्र बुद्धि के नंदी सात वर्ष की आयु में ही समस्त शास्त्रों के ज्ञान से सम्पन हो गए। एक बार भगवान शिव की प्रेरणा से दो ब्राह्मण ऋषि शिलाद के पास आए और बोले कि नंदी की आयु बस एक वर्ष और शेष है । यह जानकर ऋषि शिलाद अत्यंत दुःखी हो गये। अपने पिता को दुखी देखकर नंदी ने उन्हें सांत्वना दी और तपस्या करने चले गए। उनकी एकनिष्ठ तपस्या से भगवान शिव और देवी पार्वती प्रसन्न हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया कि- तुम्हारी मृत्यु कभी नहीं होगी ।'भगवान शिव ने उन्हें अपनी एक माला भी दी। जैसे ही नंदी ने वह माला पहनी उनमें भगवान शिव के सभी गुण समाहित हो गए।

▶अघोर अवतारलगभग 2 मिनट
▶कपालमोचक शिवलगभग 2 मिनट
▶कृष्णदर्शन अवतारलगभग 5 मिनट
▶आदियोगी शिव (मुद्रा 2)लगभग 2 मिनट
▶नटराज रंगमंचलगभग 2 मिनट
▶त्रिवेणी संग्रहालयलगभग 3 मिनट
▶सप्तपुरीलगभग 1 मिनट
▶पंचक्रोशी यात्रालगभग 2 मिनट
▶सिंहस्थलगभग 2 मिनट
▶शाही स्नानलगभग 1 मिनट
▶महाकाल शाही सवारीलगभग 1 मिनट
▶चिंतामण गणेशलगभग 2 मिनटपूरी यात्रा →