शिव अवतार ›पट्टिका 468 · पड़ाव 100 / 141
बैठे हुए मुद्रा में गणेश
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Seated Ganesha, Fifth Posture
महादेव शिव तथा आदिशक्ति माता पार्वती के पुत्र व प्रथम पूज्य शुभंकर गणेश मांगलिकता और शुभता के देवता हैं । बुद्धि तथा सिद्धी के दाता गणेश महाभारत के लिपिक भी हैं । गणेश के एकदंत होने की कथा इसी प्रसन्ग से जुड़ी है । आप गणेश की जिस प्रतिमा के समक्ष खड़े हैं वे ललितासन में आसीन हैं । चतुर्हस्त गणपति के अग्रिम दाएं हाथ में उनका एक दंत तथा बायें में मोदक है । पिछले दोनों हाथ तन्त्र आधारित मुद्रा में हैं । विघ्नहर्ता गणेश की उपस्थिति सदैव ही आश्वस्ति होती है, आप सभी के लिए हम इनके आशीष की कामना करते हैं ।

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