शिव अवतार ›पट्टिका 465 · पड़ाव 97 / 141
अष्ट भैरव: श्री कपाल भैरव
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Ashta Bhairava: Shri Kapala Bhairava
कपाल भैरव की उत्पत्ति ब्रह्मकपाल से मानी जाती है; वे हाथी (ऐरावत) पर सवार, इन्द्राणी शक्ति से युक्त और उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा के रक्षक हैं। तन्त्र में कपाल-भेदन को सिद्धि की पराकाष्ठा माना गया है, और वे समस्त प्राणियों के मस्तिष्क और विचारों के अधिष्ठाता हैं। भरणी उनका नक्षत्र है।
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▶शिव का हनुमान अवतारलगभग 1 मिनट
▶आदियोगी शिवलगभग 2 मिनट
▶बैठे हुए मुद्रा में गणेशलगभग 1 मिनट
▶नंदिकेश्वरावतारलगभग 2 मिनट
▶अघोर अवतारलगभग 2 मिनट
▶कपालमोचक शिवलगभग 2 मिनट
▶कृष्णदर्शन अवतारलगभग 5 मिनट
▶आदियोगी शिव (मुद्रा 2)लगभग 2 मिनट
▶नटराज रंगमंचलगभग 2 मिनट
▶त्रिवेणी संग्रहालयलगभग 3 मिनट
▶सप्तपुरीलगभग 1 मिनट
▶पंचक्रोशी यात्रालगभग 2 मिनटपूरी यात्रा →