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काल भैरव

🎧 ऑडियो कथा · लगभग 2 मिनट · Kal Bhairav

काल भैरव मंदिर उज्जैन नगर के क्षेत्रपाल कालभैरव को समर्पित है। किंवदंतियों के अनुसार उज्जैन के महाराज भगवान महाकाल ने इस स्थान पर नगर की रक्षा के लिए काल भैरव को नियुक्त किया था। इसलिए काल भैरव को उज्जैन शहर का कोतवाल भी कहा जाता है। इस मन्दिर का उल्लेख स्कन्दपुराण के अवन्तिखण्ड में भैरवतीर्थ के रूप में किया गया है। काल भैरव का मंदिर उज्जैन से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है। हिंदुओं के बीच काल भैरव मंदिर का विशाल धार्मिक महत्व है, जो इसे उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बनाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु काल भैरव का अनुग्रह प्राप्त करने के लिए आते है। इस मंदिर में काल भैरव की मूर्ति को तांत्रिक अनुष्ठान के रूप में मद्य अर्पित की जाती है। माना जाता है कुछ सालो पहले एक ब्रिटिश अधिकारी ने इस रहस्य का पता लगाने के लिए, बाबा काल भैरव की मूर्ति के आसपास काफी खुदाई करवाई थी, लेकिन उसके बाबजूद भी इस रहस्य का पता नही लगाया जा सका। इस मन्दिर का मूल निर्माण परमार राजाओं द्वारा करवाया गया था। कालान्तर में मराठाओं द्वारा इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया गया। इस कार्य के लिए मंदिर की पुरानी सामग्री का ही उपयोग किया गया था और यह मंदिर आज भी उसी स्थित में है।

काल भैरव
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