नारायण धाम
🎧 ऑडियो कथा · लगभग 1 मिनट · Narayana Dham
नारायण धाम उज्जैन में महिदपुर तहसील से करीब 9 किमी. दूर है। यह विश्व में एकमात्र मंदिर है जिसमें श्री कृष्ण अपने मित्र सुदामा के साथ प्रतिष्ठित हैं। नारायण धाम से सम्बन्धित कथा इस प्रकार है कि ऋषि सांदीपनि आश्रम में विद्या ग्रहण करने आए श्री कृष्ण को गुरूमाता के द्वारा एक बार सुदामा के साथ लकड़ियां लाने हेतु भेजा गया। कृष्ण एवम् सुदामा को भूख लगने पर खाने हेतु गुरूमाता ने कुछ चने भी दिये थे। कथा अनुसार उनके वहाँ पँहुचने पर तेज वर्षा हुई और श्रीकृष्ण व सुदामा ने एक वृक्ष पर चढ़कर वर्षा से अपना बचाव किया। मान्यता है कि नारायण धाम वही स्थान है जहां श्रीकृष्ण व सुदामा वर्षा से बचने के लिए रुके थे। इस मंदिर में दोनों ओर स्थित हरे-भरे पेड़ों के बारे में लोक मान्यता है कि ये पेड़ उन्हीं लकड़ियों के गट्ठर से फले-फूले हैं जो श्रीकृष्ण व सुदामा ने एकत्रित की थी।

▶हरिहर मिलनलगभग 1 मिनट
▶हरसिद्धि शक्तिपीठलगभग 3 मिनट
▶गढ़कालिकालगभग 2 मिनट
▶काल भैरवलगभग 2 मिनट
▶महर्षि अत्रिलगभग 2 मिनट
▶श्रीरामपितृतर्पणलगभग 1 मिनट
▶श्री राम महाकाल दर्शनलगभग 1 मिनट
▶सान्दिपनी आश्रमलगभग 1 मिनट
▶आदि शंकराचार्य भट्ट भास्कर शास्त्रार्थ उज्जैनलगभग 1 मिनट
▶गुरू नानक देव जी महाराज का उज्जैन आगमनलगभग 1 मिनट
▶राजा इन्द्रद्युम्नलगभग 1 मिनट
▶नवनाथलगभग 1 मिनटपूरी यात्रा →